लांजीगढ़, कलाहांडी, 13 फरवरी, 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम ने ओडिशा के कालाहांडी जिले में खाद्य एवं पेय (एफ एंड बी) कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के 27वें बैच को 100 प्रतिशत नियोजन दर के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए इस बैच में सात दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिन सभी को सेवा एवं आतिथ्य क्षेत्र की अग्रणी संस्थाओं में रोजगार प्राप्त हुआ है।
नियोजित अभ्यर्थियों ने इंडिगो, क्लब महिंद्रा, बेल्जियन वॉफल, मिनर्वा ग्रैंड, एवीएन समूह, श्री नेचर वैली तथा गोल्फ क्लब जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में कार्यभार संभाला है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि कालाहांडी जैसे आकांक्षी जिलों से कौशल आधारित एवं समावेशी नियुक्तियों के प्रति उद्योग जगत का विश्वास निरंतर सुदृढ़ हो रहा है।
यह कार्यक्रम ओडिशा कौशल विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से भवानीपटना और लांजीगढ़ में संचालित किया जा रहा है। यह पहल कंपनी की दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सतत आजीविका अवसरों का सृजन, जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास को प्रोत्साहन तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को समर्थन प्रदान करना है। यह पहल यूनाइटेड नेशन्स के सतत विकास लक्ष्यों (SDG), विशेष रूप से लक्ष्य 1 (गरीबी उन्मूलन) तथा लक्ष्य 8 (सम्मानजनक कार्य और आर्थिक वृद्धि) के अनुरूप है।
कार्यक्रम में नामांकित कई दिव्यांग अभ्यर्थी दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जहाँ शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित हैं। संरचित तकनीकी प्रशिक्षण, कार्यस्थल तत्परता सत्रों तथा नियोक्ता संवेदनशीलता कार्यक्रमों के माध्यम से वेदांता लांजीगढ़ कौशल प्रशिक्षण केंद्र ने उन्हें आत्मविश्वास और गरिमा के साथ मुख्यधारा के कार्यबल में सम्मिलित होने में सक्षम बनाया है।
इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वेदांता एलुमिना व्यवसाय के CEO श्री प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा, “दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षण केंद्रों से मुख्यधारा के कार्यस्थलों तक पहुँचाना यह दर्शाता है कि समावेशी नियुक्ति केवल सामाजिक पहल नहीं, बल्कि कार्यबल की रणनीतिक आवश्यकता है। यह उपलब्धि हमारे इस विश्वास को सुदृढ़ करती है कि जब कौशल विकास को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तथा उपयुक्त पारिस्थितिकी तंत्र के सहयोग से लागू किया जाता है, तो यह सामाजिक और आर्थिक — दोनों प्रकार का मूल्य सृजित करता है।”
कार्यक्रम के माध्यम से नियोजित दिव्यांग अभ्यर्थी त्रिभुवन सुना ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ने से पहले मुझे रोजगार मिलने की बहुत कम उम्मीद थी। प्रशिक्षकों ने मुझ पर विश्वास किया, मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया और मुझे कार्यस्थल के लिए तैयार किया। आज मुझे रोजगार प्राप्त होने और अपने परिवार का सहयोग करने पर गर्व है। इस अवसर ने मेरा जीवन बदल दिया है।”
यह कौशल पहल तीन वर्षों की अवधि में 1,300 से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखती है। दोहरे दृष्टिकोण के तहत प्रशिक्षण के साथ-साथ उद्यमिता और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 941 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जो इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दिव्यांग युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित कर इस पहल ने न केवल उनके परिवारों की आय में वृद्धि की है, बल्कि उनके सामाजिक-आर्थिक समावेशन को भी सुदृढ़ किया है। यह वेदांता एल्युमिनियम की ग्रामीण ओडिशा में समावेशी प्रगति के उत्प्रेरक के रूप में भूमिका को पुनः स्थापित करता है।
वर्षों से वेदांता एल्युमिनियम ने लांजीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सतत आजीविका, महिला सशक्तिकरण तथा सामुदायिक अवसंरचना के क्षेत्र में केंद्रित पहलों के माध्यम से समग्र सामुदायिक विकास को गति प्रदान की है। अपनी सामाजिक दायित्व (CSR) पहलों के माध्यम से अब तक 1,50,000 से अधिक जीवनों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हुए कंपनी जमीनी स्तर पर समावेशी विकास को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे स्थानीय समुदाय क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक प्रगति के सक्रिय भागीदार बन सकें।

