भुवनेश्वर, 08/04/2026: वेदांता एल्युमिनियम, जो भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है, ने ओडिशा के कलाहांडी जिले में कृषि आजीविका और जल सुरक्षा को सशक्त करते हुए 41 गांवों में 800 एकड़ से अधिक भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई है। ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत इस पहल से 9,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
इस पहल के तहत 61 जल संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से 11 लाख घन मीटर से अधिक जल पुनर्भरण क्षमता विकसित की गई है, जिससे भूजल स्तर बढ़ा है और खेती व घरेलू उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है। यह प्रयास राज्य के जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक में दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जल संकट से निपटने के लिए तैयार ‘प्रोजेक्ट संगम’ एक वैज्ञानिक और समुदाय-आधारित जलग्रहण प्रबंधन मॉडल पर आधारित है। इसके तहत पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, सिंचाई ढांचे का निर्माण और वर्षा जल का बेहतर संचयन किया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर बढ़ाने और किसानों की अनियमित बारिश पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
इस पर बोलते हुए वेदांता एल्युमिना बिज़नेस के सीईओ श्री प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा, “जल सुरक्षा सतत विकास का आधार है, खासकर कलाहांडी जैसे क्षेत्रों में जहां लोग खेती पर निर्भर हैं। ‘प्रोजेक्ट संगम’ के माध्यम से हम वैज्ञानिक जलग्रहण प्रबंधन को सामुदायिक भागीदारी के साथ जोड़कर स्थायी जल संसाधन बना रहे हैं।”
तकनीकी सहयोग और समुदाय की भागीदारी से यह पहल गांवों के किसानों के लिए भरोसेमंद सिंचाई उपलब्ध करा रही है और जल संसाधनों के प्रति स्थानीय जिम्मेदारी को भी बढ़ा रही है। इसके साथ ही यह मिट्टी में नमी बनाए रखने, पर्यावरण सुधारने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में भी मदद कर रही है।
बलभद्रपुर गांव के किसान श्री कृष्णचरण मली ने कहा, “पहले हमारी खेती पूरी तरह अनिश्चित बारिश पर निर्भर थी। ‘प्रोजेक्ट संगम’ के बाद अब हमारे खेतों के लिए नियमित सिंचाई उपलब्ध है, जिससे हमारी खेती और जीवन दोनों में बदलाव आया है। अब पूरे साल पानी मिलने से हम बेहतर फसल उगा रहे हैं, आय बढ़ी है और सूखे के समय खेत छोड़ने की चिंता नहीं रहती।”
‘प्रोजेक्ट संगम’ वेदांता लांजीगढ़ की जलग्रहण और आजीविका विकास पहल है, जो तकनीक-आधारित योजना के जरिए कलाहांडी जिले में जल संसाधनों का विस्तार कर रही है। इस पहल का लक्ष्य सिंचाई क्षेत्र को 3,500 एकड़ से अधिक तक बढ़ाना और खेती व पीने के लिए साल भर पानी उपलब्ध कराना है।