भुवनेश्वर, 06.10.2026: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कई युवाओं के लिए, बेहतर भविष्य की उम्मीदें अक्सर सही मौकों पर निर्भर करती हैं। उनमें आगे बढ़ने की चाहत और पक्का इरादा तो बहुत होता है, लेकिन कई बार उन्हें अच्छा रोज़गार पाने के रास्ते नहीं मिल पाते। वेदांता एल्युमीनियम अपनी स्किल डेवलपमेंट पहल ‘वेदक्षता‘ के ज़रिए इस चुनौती को दूर करने में मदद कर रहा है। इसके तहत, कंपनी अपने कार्य क्षेत्रों के युवाओं (पुरुषों और महिलाओं) को इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी स्किल्स, अनुभव और मौके दे रही है, जिससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाला रोज़गार मिल सके।
‘सोशियो-इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी’ (SEEDS) के साथ मिलकर चलाए जा रहे ‘वेदक्षता’ प्रोग्राम में लोगों को मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई मशीन चलाना, फ़ूड और बेवरेज सर्विस, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, अन्य कार्यों की ट्रेनिंग भी दी जाती है। काम से जुड़ी ट्रेनिंग के अलावा, ‘वेदक्षता’ युवा में आत्मविश्वास, बातचीत करने का हुनर और काम के लिए ज़रूरी तैयारी विकसित करने में भी मदद करता है, ताकि वे प्रोफेशनल माहौल में काम कर सकें और लंबे समय तक रोज़गार के मौके पा सकें।
अपना अनुभव बताते हुए, सुश्री गोमती महाकुल जिन्होंने ‘वेदक्षता’ के तहत सिलाई मशीन ऑपरेटर की ट्रेनिंग पूरी की और अब भुवनेश्वर की शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में काम कर रही हैं कहती हैं: “वेदक्षता ने मुझे अपनी काबिलियत पर भरोसा करने और नौकरी पाने की कोशिश करने का आत्मविश्वास दिया। अपनी पहली नौकरी मिलना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का पल था, और इसने मुझे ज़्यादा आत्मनिर्भर और अपने भविष्य को लेकर आशावादी बनने में मदद की है।”
असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा करने और हैदराबाद की निज़ा मैनपावर सर्विस में नौकरी पाने के बाद, श्री सलीम तुपुन कहते हैं: “एक टेक्निकल ट्रेड सीखने से मुझे अपने भविष्य के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। प्रैक्टिकल जानकारी और काम का व्यावहारिक अनुभव मिलने से मुझे ऐसी स्किल्स विकसित करने में मदद मिली जो वर्कप्लेस के लिए ज़रूरी हैं। साथ ही, इससे मुझे खुद को संभालने और अपने परिवार की उम्मीदों को पूरा करने में योगदान देने का आत्मविश्वास भी मिला।”
वेदक्षता का एक अहम हिस्सा इसके ट्रेनर्स और मेंटर्स का नेटवर्क है, जो सीखने की पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रतिभागियों के साथ मिलकर काम करते हैं। टेक्निकल ट्रेनिंग के अलावा, वे युवाओं को बदलते वर्क एनवायरनमेंट में सफल होने के लिए ज़रूरी प्रोफेशनलिज़्म, अनुशासन और वर्कप्लेस की समझ विकसित करने में मदद करते हैं।
अपना अनुभव बताते हुए, वेदक्षता के प्रोग्राम मैनेजर श्री नारायण दास कहते हैं, “हर बैच में अलग-अलग उम्मीदों और बैकग्राउंड वाले युवा एक साथ आते हैं, लेकिन उनमें सीखने की एक जैसी इच्छा होती है। इस प्रोग्राम के ज़रिए प्रतिभागियों को आगे बढ़ते, काम की ज़रूरतों के हिसाब से खुद को ढालते और अपनी सीख को असल ज़िंदगी में लागू करते हुए देखना बहुत संतोषजनक है। उनकी उपलब्धियाँ न सिर्फ़ वेदक्षता से मिले मौकों को दिखाती हैं, बल्कि अपने बेहतर भविष्य के लिए उनकी लगन और पक्के इरादे को भी दर्शाती हैं।”
वेदक्षता का असर न सिर्फ़ इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों की ज़िंदगी में दिखता है, बल्कि इसका प्रभाव उससे कहीं ज़्यादा है। जैसे-जैसे ज़्यादा युवा हुनर सीखते हैं, नौकरी पाते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं, वे अपने समुदायों में दूसरों को भी प्रेरित करते हैं और उनमें बड़ी उम्मीदें और आत्मविश्वास जगाते हैं। वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ में स्किल डेवलपमेंट के ज़रिए 16,000 से ज़्यादा युवा महिलाओं और पुरुषों को सशक्त बनाया है। कंपनी ने उन्हें इंडस्ट्री के हिसाब से ज़रूरी ट्रेनिंग दिलाने और सतत आजीविका के रास्ते बनाने में मदद की है।
समुदाय में आ रहे सकारात्मक बदलाव पर अपनी बात रखते हुए, गरजनजोर ग्राम पंचायत की सरपंच सुश्री सुनंदा कालो कहती हैं, “हमने युवाओं के आत्मविश्वास और उनकी उम्मीदों में साफ़ बदलाव देखा है। जैसे-जैसे ज़्यादा युवा हुनर सीख रहे हैं और उन्हें रोज़गार मिल रहा है, वे समुदाय के दूसरे लोगों को भी आगे आने और ऐसे ही मौकों को प्रयास करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मैं वेदांता एल्युमीनियम की उन कोशिशों की तारीफ़ करती हूँ जिनसे हमारे युवाओं को हुनर सीखने, आत्मनिर्भर बनने और अपने व अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए काम करने में मदद मिल रही है।”
कई लोगों के लिए, इस प्रोग्राम ने रोज़गार के रास्ते खोले हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें ज़्यादा आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। इससे उन्हें आगे बढ़ने का अपना रास्ता तय करने और अपने परिवार व समुदाय में सार्थक योगदान देने में मदद मिली है।
अपने कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के ज़रिए, वेदांता एल्युमीनियम ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 10 लाख से ज़्यादा लोगों की ज़िंदगी पर सकारात्मक असर डाल रहा है। इसमें शिक्षा, हेल्थकेयर, रोज़गार और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ‘वेदक्षता’ जैसी पहलों के ज़रिए, वेदांता एल्युमीनियम युवाओं को स्किल्स विकसित करने, नए मौकों का फ़ायदा उठाने और अपने परिवार व समुदाय के लिए बेहतर भविष्य बनाने में मदद कर रहा है।

