भुवनेश्वर, ओडिशा, 28 जुलाई 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम ने झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ ज़िलों में दिव्यांगजनों के लिए अपनी सहायक उपकरण पहल का दायरा बढ़ाया है। इस पहल के तहत अब तक 49 लाभार्थियों को व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) दिए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और रोज़मर्रा के कामों में आसानी हो। अक्सर चलने-फिरने और सुनने की दिक्कतें लोगों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हिस्सा लेने से रोकती हैं, और यह पहल इन्हीं चुनौतियों को दूर करने में मदद कर रही है। हाल के चरण में जामखानी, गिरिसीमा, झारपालम, आरएंडआर कॉलोनी मेंद्रा, गरजनजोर, बिलेईमुंडा, छाताबार और घोघरपल्ली में चयनित लाभार्थियों को 19 व्हीलचेयर बाँटी गईं। इससे पहले कुरालोई में भी इसी तरह की मदद दी जा चुकी है।
इस पहल का मक़सद दिव्यांगजनों और बुज़ुर्गों की चलने-फिरने और आने-जाने से जुड़ी ज़रूरतों को पूरा करना है, ताकि वे रोज़मर्रा और सामुदायिक जीवन में बेहतर तरीके से हिस्सा ले सकें। ऐसे प्रयासों के ज़रिए वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस अपने परिचालन क्षेत्रों में ज़रूरी सहायता सेवाओं तक पहुँच को लगातार मज़बूत कर रहा है। ये सहायक उपकरण गरजनजोर पंचायत की सरपंच सुनंदा कालो, आशा कार्यकर्ताओं, समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की मौजूदगी में बाँटे गए, जो अंतिम छोर तक मदद पहुँचाने में सहयोगियों के साथ मज़बूत तालमेल को दर्शाता है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के CEO अमरेश कुमार ने कहा, “वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस में हमारा ध्यान व्यावहारिक और समावेशी प्रयासों के ज़रिए समुदाय की ज़रूरतें पूरी करने पर है। सहायक उपकरण देकर हम दिव्यांगजनों और बुज़ुर्गों के लिए आवाजाही आसान बनाना चाहते हैं, ताकि वे ज़्यादा आत्मनिर्भर और बेहतर ज़िंदगी जी सकें। हम समुदायों और सहयोगियों के साथ मिलकर सार्थक और स्थायी सामाजिक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
अपना अनुभव साझा करते हुए, नुआदिही, गरजनजोर की आशा कार्यकर्ता दमयंती नायक ने कहा, “मैं वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस का आभार व्यक्त करती हूँ कि उन्होंने हमारे समुदाय के दिव्यांगजनों को यह मदद पहुँचाई। इन सहायक उपकरणों ने रोज़मर्रा के काम आसान कर दिए हैं, आवाजाही बेहतर हुई है, और लाभार्थी अब ज़्यादा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ ज़रूरी सेवाओं तक पहुँच पा रहे हैं।”
अपना अनुभव साझा करते हुए, गिरिसीमा गाँव के निवासी केशव पुराले ने कहा, “यह व्हीलचेयर मिलने से मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब मैं हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर हुए बिना खुद आ-जा सकता हूँ, जिससे मुझे ज़्यादा आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास मिला है। मैं वेदांता कोल माइंस का दिल से धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने इतनी सोच-समझकर यह मदद दी, जिससे मेरी आवाजाही आसान हुई है और मेरे तथा मेरे परिवार में नई उम्मीद जगी है।”
वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस ने अपने मोबाइल हेल्थ यूनिट (MHU) कार्यक्रम के ज़रिए अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को मज़बूत किया है। इसके तहत सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा ज़िलों के 18 गाँवों में 50,000 से अधिक लोगों तक जिनमें 4,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं पहुँच बनाई गई है। पिछले तीन वर्षों में इस पहल के तहत 3,000 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और 1,000 से अधिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनके ज़रिए समुदायों को परामर्श और ज़रूरी स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई।
यह पहल वेदांता एल्युमिनियम की कोल माइनिंग परिचालन क्षेत्रों के आसपास चलाई जा रही व्यापक सामुदायिक विकास पहलों की पूरक है, जिनके ज़रिए 26 गाँवों में 2 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर पड़ा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, टिकाऊ आजीविका, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक विकास के क्षेत्र में केंद्रित प्रयासों के माध्यम से कंपनी स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि समावेशी विकास को बढ़ावा मिले और पूरे ओडिशा में जीवन स्तर बेहतर हो।

