कलाहांडी, 05/02/2026: कलाहांडी जैसे क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता का अर्थ बड़े आयोजन या दिखावे से नहीं, बल्कि निरंतरता, विश्वास और बार-बार उपस्थित रहने से बनने वाली विश्वसनीयता से जुड़ा होता है। वेदांता एल्युमिनियम का ‘प्रोजेक्ट मिलाप’, जिसे लांजीगढ़ परिचालन क्षेत्र में लागू किया गया है, इसी समझ पर आधारित है।
दिसंबर 2023 में शुरू किया गया ‘मिलाप’ कंपनी की एक सामुदायिक संवाद का पहल है, जिसका उद्देश्य नेतृत्व और आसपास के गांवों के बीच प्रत्यक्ष व संरचित संवाद स्थापित करना है। पारंपरिक औपचारिक बैठकों या सीमित अवधि के संपर्क कार्यक्रमों के स्थान पर, मिलाप एक सरल और निरंतर सहभागिता आधारित ढांचे पर कार्य करता है, जिसके तहत हर महीने वरिष्ठ अधिकारी और परिचालन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि गांवों का दौरा करते हैं, ग्रामीणों के साथ बैठते हैं, उनकी बात सुनते हैं और प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
इस नियमितता ने समय के साथ संवाद की पूरी प्रक्रिया को अधिक विश्वासपूर्ण और प्रभावी बना दिया है।
कलाहांडी के विकास परिणाम बताते हैं कि विकास केवल निवेश पर नहीं, बल्कि विश्वास पर भी निर्भर करते हैं। इसी कारण मिलाप प्रोजैक्ट को निरंतर चलने वाली सहभागिता के रूप में संरचित किया गया। प्रत्येक दौरा पिछले संवाद की कड़ी को आगे बढ़ाता है, जिससे बातचीत गहराती है, मुद्दे स्वाभाविक रूप से सामने आते हैं और समाधान स्थानीय संदर्भ के अनुरूप आकार लेते हैं।
वेदांता के वरिष्ठ अधिकारी दफ़्तर की सीमाओं से बाहर आकर गांवों के आंगन, विद्यालयों और सामुदायिक स्थलों में सीधे ग्रामीणों से संवाद करता है। इन बैठकों में कृषि, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा होती है। यहां किसी प्रकार की औपचारिक घोषणाओं या प्रस्तुतियों के बजाय, प्राथमिकता ग्रामीणों की बात सुनने, उनकी समस्याओं को दर्ज करने और उन पर समयबद्ध अमल सुनिश्चित करने पर रहती है।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए वेदांता एल्यूमिना बिज़नेस के सीईओ श्री प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा,
“जब हमने मिलाप शुरू किया, तो हमारा स्पष्ट विश्वास था कि सच्चा नेतृत्व केवल दफ़्तर की सीमाओं तक सीमित नहीं होता। बीते एक वर्ष में मिलाप ने हमारे नेतृत्व और परिचालन क्षेत्र को उन समुदायों से सीधे जुड़ने का अवसर दिया है, जो हमारी यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं। इन मासिक संवादों ने औपचारिक संपर्क से आगे बढ़कर सार्थक बातचीत का रूप लिया है, जिससे हमें स्थानीय आकांक्षाओं को समझने, चुनौतियों को स्वीकार करने और प्रगति को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।”
अपनी शुरुआत से अब तक मिलाप के तहत वेदांता की लांजीगढ़ रिफाइनरी के आसपास के 46 गांवों से संवाद स्थापित किया गया है, जिनमें से 25 से अधिक गांव केवल वर्ष 2025 में शामिल हुए। इन संवादों में 15,000 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया है, लगभग 3,000 परिवारों को बातचीत से निकली कार्यवाहियों का प्रत्यक्ष लाभ मिला है। हालांकि इसका प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी विश्वास और परिचय में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
वेदांता एल्युमिनियम के तकनीकी निदेशक श्री फिलिप कैंपबेल ने कहा, “मिलाप धीरे-धीरे आपका ध्यान समय-सीमा और परिणामों से हटाकर उन लोगों और संवादों पर केंद्रित करता है, जो वास्तव में मायने रखते हैं। गांवों में समय बिताने से एक ऐसा दृष्टिकोण मिलता है, जो लंबे समय तक साथ रहता है।”
मिलाप की एक प्रमुख विशेषता यह है कि संवाद के दौरान सामने आए सुझावों को ठोस और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों में बदला जाता है। भाग लेने वाले गांवों में सामुदायिक स्थलों को आवश्यक उपयोगी वस्तुओं, रसोई उपकरणों और बैठने की सुविधाओं से आवश्यक सुविधाओं से सशक्त किया गया है, जिससे वे बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के लिए अधिक उपयोगी बन सके हैं।
युवाओं की सहभागिता भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरी है। हरेकृष्णपुर गांव में स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को जर्सी और खेल सामग्री प्रदान की गई। यह एक छोटा प्रयास है, लेकिन युवाओं के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला कदम। इससे उनमें खेल और कौशल विकास के प्रति रुचि भी बढ़ी है।
हरेकृष्णपुर के निवासी श्री बिस्वाम्बर प्रधान ने कहा, “मिलाप के दौरान हम वेदांता के प्रतिनिधियों के साथ समय बिताते हैं और साथ भोजन करते हैं। यह पूरे गांव के लिए जुड़ाव का दिन होता है। हमें जो सहयोग मिला है, वह वास्तव में उपयोगी है, चाहे सामुदायिक स्थलों के लिए जरूरी सामान हो या युवाओं के लिए खेल किट। इन प्रयासों से हमारी सामूहिक गतिविधियां मजबूत हुई हैं और बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है।”
कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वयंसेवकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय आपात स्थितियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले गांव सेवादल समूहों को सम्मान स्वरूप वर्दियां प्रदान की गईं। वहीं, कृषि कार्य से जुड़े परिवारों को रबी फसल के बीज और आवश्यक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे कृषि मौसम के दौरान उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिली।
समय के साथ ‘मिलाप’ ने वेदांता एल्युमिनियम और आसपास के समुदायों के बीच संबंधों की प्रकृति को सकारात्मक रूप से बदला है। विकास पहलों में भागीदारी बढ़ी है, संवाद के माध्यम मजबूत हुए हैं और सहभागिता का स्वर संदेह से सहयोग की ओर स्पष्ट रूप से अग्रसर हुआ है।

