भुवनेश्वर 06.07.2026: ओडिशा के दूर-दराज़ के कई गाँवों में आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है; जिसके कारण अक्सर इलाज में देरी होती है और लोगों को दूर के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसी कमी को पूरा करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम की कोल माइंस ने अपने मोबाइल हेल्थ यूनिट (MHU) कार्यक्रम के माध्यम से अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को मज़बूत किया है। इस पहल के तहत सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा ज़िलों के 16 गाँवों में 50,000 से अधिक लाभार्थियों तक — जिनमें 4,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं — स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई गई हैं।
पिछले तीन वर्षों में इस पहल के तहत 3,500 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और 1,100 से अधिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए गए हैं। इनके ज़रिए स्थानीय समुदायों को परामर्श (कंसल्टेशन), जाँच (स्क्रीनिंग), ब्लड शुगर टेस्टिंग, डायग्नोस्टिक सहायता और ज़रूरी दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, एनीमिया (खून की कमी) से बचाव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृमिनाशन (डीवर्मिंग), तंबाकू छोड़ने, मलेरिया नियंत्रण, लू से बचाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे अहम विषयों पर लोगों को जागरूक भी किया गया।
इस कार्यक्रम में शुरुआती जाँच (अर्ली डायग्नोसिस) और निरंतर देखभाल पर विशेष ज़ोर दिया गया है। मोबाइल हेल्थ यूनिट नियमित रूप से हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) और डायबिटीज (मधुमेह) जैसी दीर्घकालिक बीमारियों की निगरानी करती हैं, साथ ही एनीमिया, पेट संबंधी विकार, श्वसन संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, जोड़ों का दर्द और त्वचा रोग जैसी आम बीमारियों का भी इलाज करती हैं। लंबे समय में समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में रोकथाम और फॉलो-अप देखभाल की अहम भूमिका रही है।
यह पहल कई दूर-दराज़ के इलाकों तक फैली हुई है, जिसमें झारसुगुड़ा के 5 और सुंदरगढ़ के 10 गाँव शामिल हैं। इन इलाकों में नियमित रूप से की जा रही यह पहल स्थानीय समुदायों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक लगातार पहुँच सुनिश्चित करने में मदद कर रही है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम की कोल माइंस के CEO अमरेस कुमार ने कहा, “हमारा मोबाइल हेल्थ यूनिट कार्यक्रम हमारे आसपास के समुदायों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहतर बनाने पर केंद्रित है। अब हम देख रहे हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग समय पर परामर्श और फॉलो-अप देखभाल के लिए आगे आ रहे हैं, जो इन क्षेत्रों में ऐसी सेवाओं की बढ़ती ज़रूरत को दर्शाता है।”
मोबाइल हेल्थ यूनिट टीम के डॉ. इंद्रप्रकाश प्रजापति ने कहा, “दूर-दराज़ के गाँवों में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि लोग अक्सर बीमारी के गंभीर होने तक इलाज कराने का इंतज़ार करते रहते हैं। मोबाइल हेल्थ यूनिट की मदद से हम बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में ही कर लेते हैं, समय पर इलाज देते हैं और दीर्घकालिक बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करते हैं। वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस की यह पहल उन समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रही है, जिन्हें इनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।”
कुडलोई गाँव की निवासी सरोजिनी ठाकुर ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मोबाइल हेल्थ यूनिट ने डॉक्टरों और ज़रूरी दवाइयों को नियमित रूप से हमारे घर तक पहुँचाकर सच में बड़ा बदलाव लाया है। अब लोगों को बुनियादी इलाज के लिए दूर तक सफ़र नहीं करना पड़ता, और समय पर इलाज मिलना काफ़ी आसान हो गया है।”
झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ ज़िलों में वेदांता एल्युमिनियम की कोल माइंस ने अपनी सामुदायिक विकास पहलों के ज़रिए 26 गाँवों में 2 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई है।
वेदांता एल्युमिनियम स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक विकास के क्षेत्र में केंद्रित प्रयासों के माध्यम से ओडिशा में विकास को लगातार समर्थन दे रहा है, और दीर्घकालिक प्रभाव पैदा करने के लिए स्थानीय हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। ये प्रयास समावेशी विकास और ज़मीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

