भुवनेश्वर, ओडिशा, 09 सितंबर 2026: भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम ने कोलकाता के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित छठे कोल लॉग इंडिया (CLI) एक्सपो 2026 में अपने तकनीक-सक्षम खनन कार्यों और सामुदायिक विकास पहलों को प्रदर्शित किया। इंडियन कोल फोरम और कोल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के कोयला और खनन क्षेत्र के प्रमुख हितधारक शामिल हुए।
वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के स्टॉल का उद्घाटन आईएएस (सेवानिवृत्त) आलोक पर्ती, चेयरमैन, इंडियन कोल फोरम एवं पूर्व सचिव, कोयला मंत्रालय; कपिल धगत, चेयरमैन, कोल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (CPA); और पार्थ एस भट्टाचार्य, चेयरमैन, पीयरलेस ग्रुप एवं पूर्व चेयरमैन, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने वेदांता के कर्मचारियों के साथ मिलकर किया। इस प्रदर्शनी में कंपनी की ओडिशा और छत्तीसगढ़ स्थित प्रमुख कोयला खनन संपत्तियों — कुरालोई, जामखानी, घोघरपाल्ली, राधिकापुर और बर्रा — को शामिल किया गया, जिसने आगंतुकों को कंपनी के खनन कार्यों, सरफेस और कोल माइनिंग प्रक्रियाओं, सुरक्षा प्रथाओं और तकनीकी हस्तक्षेपों की जानकारी दी।
इस कार्यक्रम पर बात करते हुए, वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के CEO अमरेस कुमार ने कहा, “तकनीक अब सुरक्षित, अधिक कुशल और जिम्मेदार खनन को संभव बनाने वाला एक अहम माध्यम बनकर उभर रही है। CLI 2026 ने इस बदलाव पर विचार साझा करने और अपने खनन परिचालन में अब तक के सफर को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच दिया। हम डिजिटल तकनीकों और डेटा-आधारित जानकारी का इस्तेमाल कर सुरक्षा, परिचालन में पारदर्शिता और दक्षता को मजबूत कर रहे हैं, साथ ही अपनी खदानों के आसपास के समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर बनाना और उनका समर्थन करना जारी रखे हुए हैं।”
वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के प्रयासों की सराहना करते हुए, आईएएस (सेवानिवृत्त) आलोक पर्ती, चेयरमैन, इंडियन कोल फोरम एवं पूर्व सचिव, कोयला मंत्रालय, ने कहा, “तकनीक और नवाचार भारत के खनन क्षेत्र को लगातार नई दिशा दे रहे हैं, जिससे उत्पादकता, सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। वेदांता के एकीकृत कोयला, बिजली और एल्युमिनियम कार्य यह दिखाते हैं कि पैमाना और तकनीक मिलकर भारत के औद्योगिक विकास को किस तरह सहारा दे सकते हैं, वहीं खनन प्रथाओं के आधुनिकीकरण पर इसका ध्यान इस क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप है।”
प्रदर्शनी की एक बड़ी खासियत वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस का तकनीक-संचालित आधुनिक खनन दृष्टिकोण रहा। कंपनी ने सुरक्षा, परिचालन में पारदर्शिता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल समाधानों को प्रदर्शित किया, जिनमें रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, AI-आधारित निगरानी और उन्नत माइन मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। एक इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल डैशबोर्ड उपकरणों के बेहतर इस्तेमाल, कोयला निकासी, डिस्पैच और स्टॉक की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध कराता है।
वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के कर्मचारियों ने एक विशेष B2B पैनल चर्चा में भी हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्थायी कोयला प्रबंधन, माइन डेवलपमेंट और एसेट मैनेजमेंट पर अपने विचार साझा किए। स्टॉल में वेदांता एल्युमिनियम की सामुदायिक विकास पहलों से जुड़े सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) के सदस्यों द्वारा हाथ से बनाए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए, जो जमीनी स्तर पर उद्यमिता और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उद्योग जगत के दिग्गजों, विशेषज्ञों और गणमान्य लोगों समेत 500 से अधिक आगंतुकों ने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया, जिसने जिम्मेदार विकास के प्रति वेदांता के समग्र दृष्टिकोण को रेखांकित किया, जहां तकनीक-संचालित खनन के साथ-साथ सार्थक सामाजिक-आर्थिक प्रगति भी जुड़ी हुई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और आजीविका सुधार के क्षेत्र में किए गए केंद्रित प्रयासों के जरिए वेदांता एल्युमिनियम कोल माइंस के सामुदायिक कार्यक्रमों ने 26 गांवों में 2 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर डाला है, जिससे खनन कार्यों से कहीं आगे तक स्थायी मूल्य का निर्माण हो रहा है।

